Canada work permit rules– कनाडा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस महीने अल्बर्टा में होने वाली जी-7 बैठक के लिए आमंत्रित किया है। इतना ही नहीं, इस आमंत्रण के कुछ घंटों बाद ही कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में भारत का पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना महत्वपूर्ण है। कनाडा के इस कदम को दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने की दिशा में एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए कनाडा जाने वाले हैं। इससे पहले ही भारत के प्रति कनाडा के सुर बदल गए हैं। वहां की सरकार की ओर से एक फैसला लिया गया है, जिससे वहां काम कर रहे भारतीयों को राहत मिलेगी।
याद रहे कि पिछले कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गई थी। अब स्थिति फिर से सुधरती दिख रही है। इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से ठीक पहले कनाडा सरकार ने एक फैसला लिया है, जिससे वहां काम कर रहे भारतीयों को राहत मिलेगी।
कनाडा ने वर्क परमिट नियमों में बदलाव किया
कनाडा सरकार ने विदेशी कामगारों के लिए वर्क परमिट से जुड़े नियमों में बदलाव किया है, जो यहां काम कर रहे लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की बात है। यह एक अस्थायी सार्वजनिक नीति है, जिसके तहत अब विदेश से आने वाले कर्मचारी वर्क परमिट पर फैसला होने से पहले ही यहां काम करना शुरू कर सकते हैं। अभी तक अगर कोई विदेशी कर्मचारी अपनी नौकरी बदलना चाहता था तो उसे नई नौकरी शुरू करने से पहले नया वर्क परमिट लेना जरूरी होता था। इसका मतलब यह था कि कर्मचारी को कई हफ्तों तक बिना काम के ही अपना दिन गुजारना पड़ता था।
नए नियम से भारतीयों को फायदा
बड़ी संख्या में भारतीय कनाडा में काम करने जाते हैं। कई बार कर्मचारियों को नौकरी बदलनी पड़ती है। ऐसे में पुराने नियमों के तहत लोगों को वर्क परमिट के लिए हफ्तों इंतजार करना पड़ता था, जिससे उनकी कोई आय नहीं हो पाती थी। अब जिन लोगों की नौकरी चली गई है और वे नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं, उन्हें फायदा होगा। इसके अलावा मौजूदा कंपनी में नई भूमिका पाने वाले और बेहतर करियर विकल्प पाने वाले लोग भी इसका फायदा उठा सकेंगे।

